Board Exam New Rules – 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं हर छात्र के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शिक्षा बोर्डों ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र-हितैषी बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। इन नियमों का उद्देश्य नकल पर रोक लगाना, परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखना, तकनीकी साधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना और छात्रों को बेहतर मूल्यांकन प्रणाली उपलब्ध कराना है।
इन बदलावों को समझना छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों सभी के लिए जरूरी है, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी छात्र को परीक्षा देने से वंचित कर सकती है।
परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना अनिवार्य
नई गाइडलाइन के अनुसार छात्रों को परीक्षा केंद्र पर पहले की तुलना में अधिक समय पहले पहुंचना होगा। अब विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 45 मिनट पहले केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है, जबकि केंद्र के गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा जांच को प्रभावी बनाना और किसी भी अनुचित सामग्री को परीक्षा कक्ष में ले जाने से रोकना है। समय से पहले पहुंचने से छात्रों को अपनी सीट ढूंढने और मानसिक रूप से शांत होने का अवसर भी मिलता है।
एडमिट कार्ड और पहचान पत्र के नए नियम
इस वर्ष बोर्ड ने एडमिट कार्ड से संबंधित नियमों को और सख्त कर दिया है। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए प्रिंटेड एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य होगा।
यदि किसी छात्र के एडमिट कार्ड पर फोटो स्पष्ट नहीं है, तो उसे स्कूल द्वारा प्रमाणित पहचान पत्र साथ रखना होगा। बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध
नकल रोकने के लिए बोर्ड ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर (जहां अनुमति नहीं है), ईयरफोन और किसी भी प्रकार के डिजिटल उपकरण को परीक्षा कक्ष में ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
यदि किसी छात्र के पास ऐसा उपकरण पाया जाता है, तो उसकी परीक्षा रद्द की जा सकती है और उसे अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह नियम परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।
पारदर्शी स्टेशनरी का उपयोग अनिवार्य
नई गाइडलाइन के अनुसार छात्रों को केवल पारदर्शी पाउच या पारदर्शी पेन बॉक्स में ही स्टेशनरी लाने की अनुमति होगी। इससे निरीक्षकों को सामग्री की जांच करने में आसानी होगी और किसी भी प्रकार की नकल सामग्री को अंदर लाने की संभावना कम होगी।
छात्रों को केवल आवश्यक सामग्री जैसे पेन, पेंसिल, रबर, स्केल और एडमिट कार्ड ही साथ लाने की सलाह दी गई है।
ड्रेस कोड से जुड़े नए निर्देश
कुछ बोर्डों ने परीक्षा के दौरान ड्रेस कोड को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। छात्रों को सादे और आरामदायक कपड़े पहनकर आने की सलाह दी गई है। जेबों वाले कपड़े, भारी जैकेट या संदिग्ध वस्त्रों से बचने को कहा गया है।
स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर आने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि इससे पहचान प्रक्रिया आसान हो जाती है।
प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त समय
छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त समय देने का प्रावधान जारी रखा है। परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाएगा ताकि वे रणनीति बनाकर प्रश्न हल कर सकें।
यह समय छात्रों को घबराहट कम करने और उत्तर लिखने की योजना बनाने में मदद करता है।
उत्तर पुस्तिका भरने के नए निर्देश
नई गाइडलाइन के अनुसार छात्रों को उत्तर पुस्तिका भरते समय सावधानी बरतनी होगी। रोल नंबर, विषय कोड और अन्य विवरण सही तरीके से भरना अनिवार्य है। गलत जानकारी भरने पर कॉपी का मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है।
छात्रों को नीले या काले पेन का उपयोग करने की सलाह दी गई है और पेंसिल का उपयोग केवल जहां अनुमति हो वहीं करें।
सीसीटीवी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था
इस वर्ष कई परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सके। यह कदम नकल रोकने और परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा, उड़नदस्ते और निरीक्षण टीमों की संख्या भी बढ़ाई गई है ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल मार्किंग में पारदर्शिता
नई गाइडलाइन में आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल परीक्षाओं की पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों के प्रोजेक्ट, प्रैक्टिकल और असाइनमेंट का मूल्यांकन निष्पक्ष तरीके से करें और रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
इससे छात्रों को उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर अंक मिलने की संभावना बढ़ेगी।
मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर जोर
बोर्ड ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को परामर्श सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा तनाव से बचने के लिए छात्रों को समय प्रबंधन, संतुलित दिनचर्या और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी गई है।
अभिभावकों को भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
कोविड जैसे स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की तैयारी
हालांकि स्थिति सामान्य है, फिर भी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। छात्रों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यक होने पर मास्क का उपयोग करने और बीमार होने पर तुरंत स्कूल को सूचित करने की सलाह दी गई है।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से एक दिन पहले अपनी सभी आवश्यक सामग्री तैयार रखें, एडमिट कार्ड की जांच कर लें और परीक्षा केंद्र का स्थान पहले से देख लें। समय पर सोना और हल्का भोजन करना भी परीक्षा के दिन बेहतर प्रदर्शन में मदद करता है।
परीक्षा के दौरान शांत रहें, प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और समय का सही प्रबंधन करें।
निष्कर्ष: नए नियम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम
10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए जारी नई गाइडलाइन छात्रों के हित में बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना है।
यदि छात्र इन नियमों का पालन करते हैं और सही रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी करते हैं, तो वे बिना किसी तनाव के बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। नए नियमों को बोझ नहीं बल्कि एक सहायक व्यवस्था के रूप में देखना चाहिए, जो छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



