Gold Silver Price Today – भारतीय सर्राफा बाजार से आज बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम ग्राहकों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन आज आई गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। खासकर शादी-विवाह के सीजन से पहले कीमतों में आई कमी को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज के ताजा आंकड़ों के अनुसार 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव में कमी देखने को मिली है। इसके साथ ही चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और डॉलर की मजबूती के कारण माना जा रहा है।
18K, 22K और 24K सोने का आज का भाव
आज 24 कैरेट सोना, जो सबसे शुद्ध माना जाता है, उसके दाम में गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोना मुख्य रूप से निवेश के लिए खरीदा जाता है। वहीं 22 कैरेट सोना आभूषण बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। 18 कैरेट सोना हल्के और डिजाइनर ज्वेलरी के लिए लोकप्रिय है।
आज के औसत बाजार भाव इस प्रकार हैं। 24 कैरेट सोना लगभग 62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। 22 कैरेट सोना करीब 56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है। वहीं 18 कैरेट सोना लगभग 46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर देखा गया है। अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है।
चांदी की कीमत में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी अच्छी-खासी गिरावट आई है। आज चांदी लगभग 74,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रही है। चांदी का उपयोग आभूषणों के अलावा औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में इसकी मांग बनी रहती है।
कीमतों में आई गिरावट का फायदा छोटे निवेशकों और व्यापारियों दोनों को मिल सकता है। जिन लोगों ने पहले ऊंचे दाम पर खरीदारी की थी, उनके लिए यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन नए निवेशकों के लिए यह अवसर साबित हो सकता है।
क्यों आई सोना-चांदी में गिरावट
सोने और चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण सोने पर दबाव बनता है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग में कमी आती है और कीमतें गिरती हैं।
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक आंकड़े, महंगाई दर, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। यदि निवेशक जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं तो सोने की मांग कम हो जाती है।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि जब बाजार में गिरावट आती है तो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अच्छा मौका होता है। अगर आप सोना निवेश के रूप में खरीदना चाहते हैं तो चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना समझदारी हो सकती है।
शादी या पारिवारिक कार्यक्रम के लिए आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा सकता है। हालांकि खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव और मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर लें।
निवेश के लिए कौन सा कैरेट बेहतर
अगर आप केवल निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं तो 24 कैरेट सोना बेहतर माना जाता है क्योंकि यह सबसे शुद्ध होता है। हालांकि आभूषण के लिए 22 कैरेट ज्यादा लोकप्रिय है क्योंकि इसमें मजबूती होती है। 18 कैरेट सोना फैशन ज्वेलरी और स्टाइलिश डिजाइन के लिए अच्छा विकल्प है।
डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। इन माध्यमों से आप बिना फिजिकल सोना खरीदे भी निवेश कर सकते हैं।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेंगी। यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने की मांग बढ़ सकती है और कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं यदि डॉलर मजबूत बना रहता है तो दबाव जारी रह सकता है।
भारत में त्योहारों और शादी के सीजन में मांग बढ़ने से कीमतों में हलचल देखी जाती है। इसलिए आने वाले महीनों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
निष्कर्ष
सोना और चांदी की कीमत में आई यह जबरदस्त गिरावट आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है। 18K, 22K और 24K सोने के भाव में कमी के साथ ही चांदी भी सस्ती हुई है। जो लोग लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह अच्छा अवसर हो सकता है।
हालांकि निवेश करते समय बाजार की स्थिति, अपने बजट और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है। सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है, इसलिए सोच-समझकर और योजना के साथ निवेश करना ही समझदारी है।



